Kisan Rail योजना क्या है? रेलवे ने ‘किसान रेल योजना’ का तैयार किया प्लान


रेल मंत्रालय ने हाल ही में किसानों की आमदनी बढ़ाने और फल-सब्जियों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए ‘किसान रेल’ योजना तैयार कर ली है. रेलवे किसानों के उत्पादों को तेजी से देश में एक जगह से दूसरे जगह तक पहुंचाने हेतु बड़ी संख्या में ट्रेने चलाने की तैयारी कर रहा है.

रेलवे ने किसान रेल योजना को ध्यान में रखते हुए रेफिजरेशन की क्षमता वाले कंटेनर्स को खरीदने की तैयारी कर ली है. आने वाले समय में इस तरह के कंटेनर्स खरीदने के बड़े ऑर्डर कपूरथला कोच फैक्ट्री को मिल सकते हैं.

रेफ्रिजरेटर पार्सल वैन

रेल मंत्रालय ने रेफ्रिजरेटर बोगियों की फ्लीट कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री से खरीदी है. एक रेफ्रिजरेटर पार्सल वैन की क्षमता 17 टन है. रेल मंत्रालय ने 9 रेफ्रिजरेटर बोगियों की फ्लीट कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री से खरीदी है.
भारतीय रेलवे निजी सार्वजनिक साझेदारी (पीपीपी) के माध्यम से किसान रेल शुरू करेगी. इसमें जल्द खराब हो जाने वाली कृषि उपज के लिए रेफ्रीजेरेटेड डिब्बे होंगे. दूध, मांस और मछली समेत शीघ्र खराब होने वाले उत्पादों हेतु निर्बाध राष्ट्रीय शीत प्रशीतित श्रृंखला के निर्माण के लिए भारतीय रेलवे पीपीपी के माध्यम से किसान रेल चलाएगी. एक्सप्रेस तथा ढुलाई ट्रेनों में भी रेफ्रिजेरेटेड डिब्बे होंगे.

रेफ्रिजरेटर रेल कंटेनर खरीदने की योजना

भारतीय रेलवे की योजना भविष्य में 98 रेफ्रिजरेटर रेल कंटेनर खरीदने की है. पूरी तरह से इस मॉडल के निजी सार्वजनिक साझेदारी के आधार पर ही रखा जाए. एक रेक में 12 टन/कंटेनर क्षमता वाले 80 कंटेनर होंगे.
चार कार्गो सेंटर
रेलवे ने फल-सब्जियों की लोडिंग-अनलोडिंग हेतु भी प्रोजेक्ट तैयार कर लिया है. सरकार पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत चार कार्गो सेंटर बनाएगी. ये कार्गों सेंटर गाजीपुर घाट (यूपी), न्यू आजादपुर (आदर्श नगर, दिल्ली), लासलगांव (महाराष्ट्र) और राजा का तालाब (यूपी) में बनाये जाएंगे.
रेलवे की योजना एक एग्रीकल्चर लॉजिस्टिक सेंटर बनाने की है. रेलवे की पीएसयू कॉनकॉर इसे पूरी तरह से बनाएगी. यह एग्रीकल्चर लॉजिस्टिक सेंटर सोनीपत में बनाया जाएगा. यह लॉजिस्टिक सेंटर 16.40 एकड़ में बनेगा.


केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में रेलवे के लिए एक ब्लूप्रिंट पेश किया था. बजट में रेल कृषि योजना की घोषणा होने के तुरंत बाद रेल मंत्रालय ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है. बजट में कहा गया है कि खेती को प्रतिस्पर्धी बनाकर किसानों की समृद्धि सुनिश्चित की जा सकती है. बजट में खराब होने वाले सामानों के लिए कोल्ड सप्लाई चेन की सहज आपूर्ति का प्रस्ताव है.

दुनिया की 7 सबसे बड़ी चीजें कौन सी हैं


हम सब बड़ी से बड़ी या छोटी से छोटी यानी कुछ अलग दिखने वाली चीजों से प्रभावित हो जाते हैं चाहे वो प्राक्रतिक हो या मानव निर्मित. आजकाल विकास के साथ-साथ नई प्रकार की तकनीकों का भी आगमन हुआ है जिसके कारण असंभव चीजों को भी संभव किया जा रहा है. इसमें कोई संदेह नहीं हैं कि इन बड़ी-बड़ी चीजों को देखकर हम खुद छोटे लगते हैं और उसकी तरफ आकर्षित हो जाते हैं.

आइये इस लेख के माध्यम से विश्व में 10 सबसे बड़ी चीजों के बारे में अध्ययन करते हैं, जिनका गिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड में नाम है या फिर अलग प्रकार से बनाए गए हैं.

1. स्ट्रैटोलॉन्च (Stratolaunch) - दुनिया का सबसे बड़ा विमान


दुनिया के सबसे बड़े विमान स्ट्रैटोलॉन्च का वजन 2.26 लाख किलो है. ये अंतरिक्ष में रॉकेट लॉन्च करने का काम करेगा और 24 घंटे के भीतर अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में रसद सामग्री भी पहुंचाएगा. इस विमान के विंगस्पैन की लंबाई 375 फीट है, जो एक फुटबॉल फील्ड की लंबाई से भी ज्यादा है. वहीं इसकी चौड़ाई 12.5 फीट है, जो गोल पोस्ट के बराबर है. माइक्रोसॉफ्ट को-फाउंडर पॉल एलेन इस प्रोजेक्ट से जुड़े हैं.
हम आपको बता दें कि पूरा विमान 2 अलग-अलग केबिन में बंटा हुआ है. दोनों केबिन के बीच का हिस्सा एक लॉन्चपैड की तरह इस्तेमाल होगा और ये हिस्सा ही उड़ान के दौरान रॉकेट को संभालने का काम करेगा. दोनों केबिन में अपने-अपने कॉकपिट हैं. दाएं कॉकपिट में 1-1 पायलट, को-पायलट और फ्लाइट इंजीनियर के लिए जगह है. वहीं बायां कॉकपिट खाली रहेगा. इसका इस्तेमाल आपातकाल में किया जा सकेगा.

2. दुनिया में वाइन की सबसे बड़ी बोतल

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड के अनुसार, वाइन की सबसे बड़ी बोतल आंद्रे वोगल (Andre Vogel) द्वारा बनाई गई थी. यह 4.17 मीटर लंबी है और इसका व्यास 1.21 मीटर है. इसमें 3,094 लीटर वाइन आ जाती है. इसको 20 अक्टूबर, 2014 को स्विट्जरलैंड के लिसाच में मापा गया था.

8 हेक्टेयर (19.77 एकड़) के कुल क्षेत्रफल के साथ लंबाई में 1,013 मीटर (3,324 फीट), चिली के अल्गारोबो में सैन अल्फोंसो डेल मार रिज़ॉर्ट में स्विमिंग पूल दुनिया का सबसे बड़ा है. इसे दिसंबर 2006 में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में क्षेत्र के आधार पर सबसे बड़ा स्विमिंग पूल के रूप में आधिकारिक तौर पर सूचीबद्ध किया गया था.

पूल में 250 मिलियन लीटर (66 मिलियन गैलन) पानी आता है और यह लगभग 6,000 और 8 मीटर लंबे पूल के बराबर है. यह पूल की तुलना में एक बड़ी नदी की तरह दिखता है. सैंटियागो से लगभग 90 किलोमीटर (56 मील) दूर पर ये स्थित है और सैन अल्फोंसो डेल मार दुनिया भर से चिली और पर्यटकों दोनों के लिए एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण और लोकप्रिय गंतव्य है.

4. बेलाज 75710 (Belaz 75710) - दुनिया का सबसे बड़ा ट्रकगिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड ने ट्रक बेलाज -75710 को दुनिया का सबसे बड़ा दो-धूरी डम्पर ट्रक के रूप में दर्ज किया है. ये 450 मीट्रिक टन से अधिक सामग्री परिवहन करने में सक्षम है. हम आपको बता दें कि यह पूरी तरह से ईंधन और सात लोडेड एयरबस A320-200 विमानों के बराबर है. ट्रक सीमेंस से 1,200 किलोवाट की चार इलेक्ट्रिक मोटरों द्वारा संचालित की जाती है. इस प्रणाली में 16-सिलेंडर वाले दो डीजल इंजन का उपयोग किया जाता है, जिनमें से प्रत्येक लगभग 1,700 किलोवाट के उत्पादन के साथ होता है. साथ में ये ऊर्जा भी प्रदान करते हैं जो विशाल टायर को आगे बढ़ाने के लिए विद्युत ड्राइव प्रदान करते हैं. इसका परिक्षण Zhodino, बेलारूस में 22 जनवरी, 2014 को किया गया था.
न्यू सेंचुरी ग्लोबल कॉम्प्लेक्स चेंगदू (Chengdu), चीन में स्थित है. इसको 1 जुलाई, 2013 को खोला गया था. इसका अनुमानित आकार 328 फीट (100 मीटर) ऊंचा, 1,640 फीट (500 मीटर) लंबा, और 1,312 फीट (400 मीटर) चौड़ा है. इसमें 18,900,000 वर्ग फुट (1,760,000 वर्ग मीटर) फ्लोर स्पेस है .

हम आपको बता दें कि बुर्ज खालिफा, दुबई का सबसे लम्बी इमारत है, लेकिन 18.9 मिलियन वर्ग फुट के फर्श के क्षेत्र के साथ, न्यू सेंचुरी ग्लोबल कॉम्प्लेक्स इमारत सबसे बड़ी है. इसमें होटल, एक विश्वविद्यालय और यहां तक कि एक कृत्रिम समुद्र तट भी हैं. यह इमारत इतनी बड़ी है कि यह 20 सिडनी ओपेरा हाउसों में सक्षम आवास है और वाशिंगटन, डी.सी. में पेंटागन के लगभग तीन गुना आकार का है.
भारत के 10 सबसे अमीर राज्य कौन से हैं

यह हेनान, चीन में 153 मीटर की उंचाई को मापने वाली दुनि
या की सबसे उंची प्रतिमा है. 1997 में शुरू होकर इस प्रतिमा का निर्माण वर्ष 2008 में पूरा हुआ था. यह प्रतिमा 20 मीटर के लंबे लोटस सिंघासन पर खड़ी है, जिसमें तांबे के 1100 टुकड़े शामिल हैं. क्या आप जानते हैं कि वसंत मंदिर बुद्ध के निर्माण के लिए 55 मिलियन डॉलर का अनुमान लगाया गया था.
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक सबसे बड़ा पिज्जा 1,261.65 वर्ग मीटर (13,580.28 फीट²) के क्षेत्र में फैला हुआ है और रोम, इटली में फिएरा रोमा (Fiera Roma) में NIPfood से डोविलीओ नारदी (Dovilio Nardi), एंड्रिया मन्नोची (Andrea Mannocchi), मार्को नारदी (Marco Nardi), मटेयो नारदी (Matteo Nardi)और मटेयो गियानोट (Matteo Giannotte) (सभी इटली) द्वारा 13 दिसंबर, 2012 को तैयार किया गया था. इस पिज्जा का नाम "ओटाविया" "Ottavia" है और यह 100% ग्लूटेन मुक्त है.

तो ये थी दुनिया की 7 सबसे बड़ी चीज़े जिन्हें जानकर आपको आश्चर्य जरुर हुआ होगा.

भारत और बांग्लादेश के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘SAMPRITI-IX’ मेघालय में शुरू


भारत और बांग्लादेश की सेनाओं के बीच वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास 'संप्रीति-IX' (SAMPRITI-IX) का नौवां संस्करण हाल ही में मेघालय के उमरोई में शुरू हुआ. यह अभ्यास भारत और बंगलादेश के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय रक्षा सहयोग का प्रयास है.

यह सैन्य अभ्यास दो हफ्ते तक चलेगा. इस अभ्यास में काउंटर आतंकवाद अभियान पर अधिक जोर दिया जाएगा. यह अभ्यास भारत बांग्लादेश रक्षा सहयोग का हिस्सा है. इस दौरान संयुक्त राष्‍ट्र के निर्देश के तहत उग्रवाद एवं आतंकवाद से निपटने में रणनीतिक कार्रवाई का भी अभ्‍यास किया जाएगा.

इस अभ्यास का उद्देश्य

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भारत और बंगलादेश की सेनाओं के बीच अंतर-संचालन तथा सहयोग के पक्षों को मजबूत और व्यापक बनाना है. इस युद्धाभ्यास का उद्देश्य भारत और बांग्लादेश की सेनाओं के बीच पारस्परिक सहयोग के पहलुओं को मजबूत बनाना तथा उनका विस्तार करना है.
इस अभ्यास में आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों से निपटने में रणनीतिक स्तर की कार्रवाई होगा. यह अभ्यास एक दूसरे की रणनीति को समझने के अलावा दोनों देशों की आपसी साझेदारी को मजबूत बनाने हेतु किया जा रहा है.


अभ्यास से संबंधित मुख्य बिंदु

• भारत और बांग्लादेश के सैनिक संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अंतर्गत उग्रवाद एवं आतंकवाद से मुकाबला करने हेतु पर्वतीय व जंगली इलाकों में काउंटर टेररिज्म ऑपरेशनों के साथ कमांड पोस्ट एक्सरसाइज और फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज आदि करेंगे.

• दोनों देश के सैनिक साथ ही आपदा प्रबंधन हेतु नागरिक अधिकारियों को सहायता देने में उनके सामरिक और तकनीकी कौशल को परखेंगे.

• यह सैन्य अभ्यास एक साल बांग्लादेश में तथा दूसरे साल भारत में होता है. इस अभ्यास का मकसद दोनों पड़ोसी देशों की सेनाओं के मध्य सकारात्मक संबंध बनाना है.
• दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को बेहतर बनाने हेतु इसे हर साल किया जाता है. आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोनों के बीच सहयोग को बढ़ाना भी मुख्य मकसद है.

• इस अभ्यास में बांग्लादेश की सेना के 31 अधिकारियों और 138 विभिन्न रैंक के सैनिकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ भारतीय सेना की ओर से भी इतनी ही संख्या में एक समूह भाग ले रहे हैं.
भारत और बांग्लादेश दक्षिण एशियाई पड़ोसी देश हैं. आमतौर पर इन दोनों देशों के बीच संबंध मैत्रीपूर्ण रहे हैं. हालांकि कभी-कभी सीमा विवाद होते हैं. बांग्लादेश की सीमा तीन ओर से भारत द्वारा ही आच्छादित है. ये दोनो देश सार्क, बिम्सटेक, हिंद महासागर तटीय क्षेत्रीय सहयोग संघ और राष्ट्रकुल के सदस्य हैं.

भारत और बांग्लादेश अपने 68 साल पुराने द्विपक्षीय सीमा विवाद को पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास रच रहे हैं. भारत और बांग्लादेश की सेनाओं के बीच युद्धाभ्यास संप्रीति से दोनों देशों की सेनाओं के बीच न केवल संबंध मजबूत होते हैं, बल्कि दोनों सेनाओं के बीच आत्मविश्वास भी बढ़ता है.

भारत के संविधान की मूल प्रति कहाँ रखी है ?


************************* संविधान लागू करने के लिए 26 जनवरी का दिन ही इसलिए चुना गया, क्योंकि साल 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था। बता दें कि दुनिया में भारत का ही संविधान है, जो हाथ से बने कागज पर हाथ से लिखा हुआ है। संविधान के हर पन्ने पर सोने की पत्तियों वाली फ्रेम बनी है। साथ ही हर अध्याय के आरंभिक पृष्ठ पर एक कलाकृति भी बनाई गई है। संविधान की मूल प्रति को पहले फलालेन के कपड़े में लपेटकर नेफ्थलीन बॉल्स के साथ रखा गया था। साल 1994 में संसद भवन के पुस्तकालय में इसे वैज्ञानिक विधि से तैयार चेम्बर में सुरक्षित कर दिया गया। इससे पहले यह देखा गया कि दुनिया के अन्य देशों में संविधानों को किस तरह सुरक्षित रखा गया है। इस जांच में यह पता चला कि अमेरिकी संविधान सबसे सुरक्षित वातावरण में है। वॉशिंगटन स्थित लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस में हीलियम गैस के चेम्बर में अमेरिका के एक पेज के संविधान को रखा गया है। इसके बाद अमेरिका के गेट्टी इंस्टीट्यूट, भारत की नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी और भारतीय संसद के बीच करार के बाद भारत में भी गैस चेंबर बनाने की पहल हुई।

भारतीय संविधान आकार में बड़ा और भारी है, इसलिए चेम्बर बड़ा हो गया। इसमें हीलियम गैस रोकने की तमाम कोशिशें नाकाम हो गईं, तो नाइट्रोजन गैस का चेम्बर बनाया गया। कागज की सुरक्षा के लिए ऐसी गैस की आवश्यकता थी, जो इनर्ट यानी नॉन-रिएक्टिव (गैस के साथ प्रतिक्रिया न करे) हो। नाइट्रोजन भी एक ऐसी ही गैस है। भारतीय संविधान काली स्याही से लिखा है, लिहाजा ये आसानी से उड़ (ऑक्सीडाइज) सकती थी। इसे बचाने के लिए ह्युमिडिटी 50 ग्राम प्रति घन मीटर के आस-पास रखने की जरूरत थी। इसलिए संविधान के लिए एयरटाइट चेंबर बनाया। ह्युमिडिटी बनाए रखने के लिए चेंबर में गैस मॉनिटर लगाए गए हैं। हर साल चेंबर की नाइट्रोजन गैस खाली की जाती है और संविधान की सेहत जांची जाती है। हर दो महीने में इस चेम्बर की चेकिंग भी की जाती है। सीसीटीवी कैमरे से इस पर लगातार निगरानी रहती हैें

🌷भारत 'प्रथम कमाण्डर इन चीफ़ 🇮🇳


फील्ड मार्शल के. एम. करिअप्पा भारत के प्रथम सेनाध्यक्ष थे। उनका पूरा नाम *कोडंडेरा मडप्पा करिअप्पा* था। करिअप्पा का जन्म *28 जनवरी, 1899* में कर्नाटक के *कोडागु (कुर्ग)* में शनिवर्सांथि नामक स्थान पर हुआ था। उन्होंने साल 1947 में हुए भारत-पाक युद्ध में पश्चिमी सीमा पर भारतीय सेना का नेतृत्व किया। *वे भारतीय सेना के उन दो अधिकारियों में शामिल हैं जिन्हें फील्ड मार्शल की पदवी दी गयी थी। इसके बाद से ही 15 जनवरी ‘सेना दिवस’ के रूप में मनाया जाता है*। सन 1953 में फील्ड मार्शल करिअप्पा भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हो गए। 15 मई 1993 में 94 वर्ष की आयु में के. एम. करियप्पा का निधन हो गया।

1. के. एम. करिअप्पा के पिता कोडंडेरा माडिकेरी में एक राजस्व अधिकारी थे।
2. फील्ड मार्शल कोडंडेरा मडप्पा करिअप्पा अपने परिवार सहित लाइम कॉटेज में रहा करते थे। करिअप्पा के 3 भाई तथा 2 बहनें भी थी। के. एम. करिअप्पा को घर में सभी लोग प्यार से ‘चिम्मा’ कहकर पुकारते थे।
3. के. एम. करिअप्पा की प्रारम्भिक शिक्षा माडिकेरी के सेंट्रल हाई स्कूल में हुई। शुरू से ही वह पढ़ाई में बहुत अच्छे थे। उन्हें मैथ्स और चित्रकला बेहद पसंद थी। साल 1917 में स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने मद्रास के प्रेसीडेंसी कालेज में एडमिशन ले लिया।
7. के. एम. करिअप्पा को 15 जनवरी 1949 में सेना प्रमुख नियुक्त किया गया।
8. साल 1953 में के. एम. करिअप्पा को ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैण्ड में भारत के उच्चायुक्त के रूप में नियुक्त किया गया।
9. पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी एस. ट्रूमैन द्वारा उन्हें ‘Order of the Chief Commander of the Legion of Merit’ उपाधि से सम्मानित किया।
10. भारत सरकार ने साल 1986 में उनकी सेवाओं के लिए उन्हें ‘Field Marshal’ का पद प्रदान किया।

🎖️ क्या है पद्म_पुरस्कार


🎑 पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक हैं। यह पुरस्कार, कला, सामाजिक कार्य, जन हित के मामलों, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, व्यापार एवं उद्योग, मेडिसिन, साहित्य तथा शिक्षा, खेल-कूद तथा नागरिक सेवाओं के लिए दिए जाते हैं। ये पुरस्कार प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर उद्घोषित किये जाते हैं तथा सामान्यतः मार्च/अप्रैल माह में राष्ट्रपति भवन में आयोजित किये जाने वाले सम्मान समारोह में भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किये जाते हैं। 1954 में पहली बार पद्म अवार्ड की घोषणा की गई थी। 1978, 1979, 1993 और 1997 के अलावा से इन पुरस्कार की घोषणा हर साल किया जा रहा है। एक साल दिए जाने वाले पद्म पुरस्कारों की संख्या 120 से ज्यादा नहीं होती है।

पद्म पुरस्कार की श्रेणियां

पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं।
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1. पद्म विभूषण
पद्म पुरस्कार भारत-रत्न के बाद भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट और उल्लेखनीय सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। इस सम्मान में पुरस्कार स्वरूप 1.3/16 इंच का कांसे का एक बिल्ला मिलता है। इसके केंद्र में एक कमल का फूल होता है। इसमें सफेद रंग में फूल की पत्तियां होती हैं। इस फूल के ऊपर नीचे पद्म विभूषण लिखा होता है। वहीं इस बिल्ले के पिछले हिस्से में अशोक चिन्ह बना होता है।

2. पद्म भूषण
पद्म पुरस्कार भारत-रत्न और पद्म विभूषण के बाद भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान भारत सरकार द्वारा उत्कृष्ट कोटि की विशिष्ट सेवा के लिये दिया जाता है। इस सम्मान में भी कांसे का बिल्ला दिया जाता है। इसमें भी बीच में कमल का फूल बना होता है जिसकी तीन पत्तियां इसे घेरे रहती हैं। इस फूल के ऊपर नीचे पद्मभूषण लिखा रहता है।

पद्म श्री पुरस्कार भारत-रत्न, पद्म विभूषण और पद्म भूषण के बाद भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान भारत सरकार द्वारा किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के फलस्वरूप प्रदान किया जाता है। भारत सरकार द्वारा आम तौर पर सिर्फ भारतीय नागरिकों को दिया जाने वाला सम्मान है। इस सम्मान में भी कांसे का बिल्ला दिया जाता है जिसमें कमल का फूल बना रहता है।
कैसे होता है चयन?
इस सम्मान के लिए नामों पर विचार करने के लिए प्रधानमंत्री हर साल एक समिति का गठन करते हैं। पदम पुरस्‍कारों की सिफारिश राज्‍य सरकार/संघ राज्‍य प्रशासन, केन्‍द्रीय मंत्रालय/विभाग के साथ साथ उत्‍कृष्‍टता संस्‍थानों आदि से प्राप्‍त की जाती हैं। इसके बाद यह समिति इन नामों पर विचार करती है। पुरस्कार समिति जब एक बार सिफारिश कर देती है फिर प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और राष्ट्रपति इस पर अपना अनुमोदन देते हैं और इसके बाद गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर इन सम्मानों की घोषणा की जाती है।
पद्म पुरस्कारों के चयन में पारदर्शिता लाने हेतु केन्द्र सरकार ने वर्ष 2017 से पद्म पुरस्कारों के नामांकन के लिए नियम बदल दिए। केन्द्र सरकार ने एक 01 मई 2016 से एक पोर्टल शुरू किया है जहां व्यक्तिगत रूप से, मंत्रालयों अथवा राज्य सरकारों द्वारा की गई सिफारिशें स्वीकार की जा सकती है। पोर्टल के अलावा किसी भी अन्य तरीके से नामांकन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सिफारिश करने वाले को अपना नाम और आधार कॉर्ड के नंबर का उल्लेख करना होगा।

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✅ Golden Globe Awards 2020

✅ Golden Globe Awards 2020 के विजेताओं की घोषणा की जा चुकी है. यह पुरस्कार मनोरंजन जगत में कलाकारों और सहकर्मियों को उनके विशेष योगदान के लिए दिया जाता है. 77वां गोल्डन ग्लोब कार्यक्रम कैलिफोर्निया शहर के बेवर्ली हिल्स में आयोजित किया गया
🔻 कार्यक्रम के दौरान विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किये गये. इसके तहत सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार ‘1917’ को दिया गया जबकि सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार ‘जोकर’ फिल्म के लिए जॉकिन फोनिक्स को दिया गया.
🔻 गोल्डन ग्लोब (Golden Globe) पुरस्कार को ऑस्कर के बाद सिनेमा जगत का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार माना जाता है. इसके बाद अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कार जैसे BAFTA और ऑस्कर 2020 का आयोजन किया जायेगा. गोल्डन ग्लोब पुरस्कार 2020 के विजेताओं की सूची इस प्रकार है:

बेस्ट फिल्म (ड्रामा) - 1917
बेस्ट एक्ट्रेस (ड्रामा) - रेनी ज़ेल्वेगर (जूडी)

बेस्ट एक्टर (ड्रामा) - जॉकिन फोनिक्स (जोकर)

बेस्ट फिल्म (म्यूजिकल/कॉमेडी) – वन्स अपॉन ए टाइम इन हॉलीवुड

बेस्ट एक्ट्रेस (म्यूजिकल/कॉमेडी) – ऑक्वाफीना (द फेयरवेल)

बेस्ट एक्टर (म्यूजिकल/कॉमेडी) – टेरॉन एगर्टन (रॉकेटमैन)

बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर – ब्रैड पिट (वन्स अपॉन ए टाइम इन हॉलीवुड)

बेस्ट स्कोर (फिल्म) – जोकर

बेस्ट एक्ट्रेस (लिमिटेड सीरीज़/टीवी फिल्म) – मिशेल विलियम्स (फ़ॉस)


बेस्ट एक्ट्रेस (टीवी सीरीज़-ड्रामा) – ओलिविया कोलमैन (द क्राउन)

बेस्ट एक्टर (टीवी सीरीज़-म्यूजिकल/कॉमेडी) – रैमी युसफ (रैमी)
बेस्ट एक्टर (टीवी सीरीज) – ब्रियान कॉक्स (सक्सेशन)
बेस्ट एक्टर (लिमिटेड सीरीज़/टीवी फिल्म) – रसेल क्रो (द लोउडेस्ट वॉयस)
✅ गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स के बारे में जानकारी
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गोल्डन ग्लोब पुरस्कार प्रत्येक वर्ष हॉलीवुड फॉरेन प्रेस एसोसिएशन (एचएफपीए) द्वारा जनवरी माह में प्रदान किये जाते हैं. पहला गोल्डन ग्लोब पुरस्कार 1944 में दिया गया था. इस बार इस पुरस्कार के 77वें संस्करण का आयोजन किया गया. यह पुरस्कार 93 सदस्यों वाले पत्रकारों के समूह की वोटिंग के आधार पर दिए जाते हैं. गोल्डन ग्लोब पुरस्कारों के लिए पात्रता अवधि 1 दिसंबर से 31 दिसंबर तक होती है.
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Rudraksh Tripathi @Rudragofficial

🎯Target With Rudra 🎯📖 आज का विषय 📖 सिंधु घाटी सभ्यता (3300-1700 ई.पू.) ©️ Rudra Coaching Classes ™️ 👤 Rudra Tripathi ✍️ 📞 9️⃣4️⃣5️⃣3️⃣7️⃣8️⃣9️⃣6️⃣0️⃣8️⃣

सिंधु घाटी सभ्यता (3300-1700 ई.पू.) सिंधु घाटी सभ्यता (3300-1700 ई.पू.) विश्व की प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं में से एक प्रमुख सभ्य...

@Rudragofficial