हैप्पीनेस करिकुलम क्या है? दिल्ली के सरकारी स्कूल पहुंचीं मेलानिया ट्रम्प


अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प दक्षिण दिल्ली स्थित नानकपुरा स्कूल पहुंचीं जहां उन्होंने हैप्पीनेस क्लास का जायजा लिया.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पत्नी मेलानिया ट्रम्प ने 25 फरवरी 2020 को दिल्ली के एक सरकारी स्कूल का दौरा किया. वे दिल्ली सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में चलाये जा रहे ‘हैप्पीनेस करिकुलम’ को जानने के लिए इस स्कूल में आईं थीं.

अमेरिका की प्रथम महिला दक्षिण दिल्ली स्थित नानकपुरा स्कूल पहुंचीं जहां उनका माथे पर टीका लगाकर स्वागत किया गया. इसके बाद उन्होंने स्कूल की हैप्पीनेस क्लास में शिरकत की. यह दिल्ली सरकार द्वारा आरंभ किया गया एक विशेष पाठ्यक्रम है जिसमें बच्चों को रूटीन शिक्षा के अलावा दिलचस्प तरीके से शिक्षा प्रदान की जाती है.
क्या है हैप्पीनेस क्लास?👇🇮🇳
यह दिल्ली सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में लागू किया गया विशेष कार्यक्रम है जिसके तहत नर्सरी से आठवीं तक के बच्चों को रोजाना पहला पीरियड यानी 40 मिनट में हैप्पीनेस पर ध्यान दिया जाता है. हैप्पीनेस करिकुलम के तहत बच्चों को मेडिटेशन कराया जाता है, ज्ञानवर्धक और नैतिकता संबंधित कहानियां सुनाई जाती हैं. उन्हें गेम्स खिलाये जाते हैं या एनी ज्ञानवर्धक जानकारी दी जाती है.
हैप्पीनेस क्लास का उद्देश्य बच्चों को भावनात्मक रूप से मजबूत बनाना है. इस क्लास की शुरुआत पांच मिनट के मेडिटेशन से होती है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की क्लास से बच्चों का स्कूल की ओर रुझान बढ़ता है साथ ही उनमें गुस्सा, द्वेष और ईर्ष्या जैसे नकारात्मक भावनाओं से बचाया जा सकता है.
हैप्पीनेस क्लास में मेलानिया ट्रम्प👇🇮🇳

मेलानिया ट्रम्प ने अपने इस दौरे में हैप्पीनेस क्लास के प्रति विशेष रुचि दिखाई थी. उन्होंने इस क्लास में भाग लेने के बाद कहा कि हैप्पीनेस क्लास में पाठ्यक्रम बहुत रुचिकर है और ऐसे कार्यक्रम दुनिया के प्रेरणा बन सकते हैं. उन्होंने कहा कि यहां के लोग बहुत मिलनसार और दयालू हैं तथा उन्हें दिल्ली के इस स्कूल में आकर ख़ुशी मिली है. इस दौरान उन्होंने बच्चों से बातें भी कीं और पाठ्यक्रम का जायजा भी लिया.
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने एक ट्वीट करके अपनी ख़ुशी जाहिर की उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि मेलानिया ट्रम्प सरकारी स्कूल में गईं. भारत ने विश्व को अध्यात्म की शिक्षा दी है. मेलानिया ट्रम्प यहां से ख़ुशी का सन्देश लेकर जायेंगी.

भारत-अमेरिका के मध्य 3 बिलियन डॉलर के रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर


भारत और अमेरिका के मध्य तीन बिलियन डॉलर के रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किये गये. इस समझौते पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हस्ताक्षर किये. 

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 फरवरी 2020 को एक बड़े रक्षा सौदे पर हस्ताक्षर किये. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों देशों ने लगभग 3 बिलियन डॉलर के रक्षा सौदे पर हस्ताक्षर किये हैं. यह समझौता दोनों देशों के नेताओं के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद किया गया.

इसके बाद दोनों नेताओं ने आतंकवाद के विरुद्ध कड़ी करवाई की प्रतिबद्धता को दोहराया. राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी और भारत-अमेरिका के रिश्तों की मजबूती का जिक्र किया. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि वे भारत के इस दौरे को हमेशा याद रखेंगे तथा उन्होंने भारतीयों द्वारा किये गये शानदार स्वागत के लिए सभी को धन्यवाद भी कहा.

भारत-अमेरिका रक्षा सौदा👇🇮🇳
भारत और अमेरिका के मध्य तीन बिलियन डॉलर के रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किये गये. इस समझौते पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हस्ताक्षर किये. इस समझौते में अमेरिका के 23 एमएच 60 रोमियो हेलिकॉप्टर और छह एएच 64ई अपाचे हेलिकॉप्टर की खरीद शामिल है. द्विपक्षीय वार्ता के बाद जारी किये गये संयुक्त बयान में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस सौदे से दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध पहले से अधिक मजबूत हो सकेंगे. गौरतलब है कि यह दोनों हेलिकॉप्टर किसी भी प्रकार के मौसम में तथा दिन या रात में से कभी भी हमला करने में सक्षम हैं. चौथी पीढ़ी वाला अपाचे हेलिकॉप्टर छिपी हुई पनडुब्बियों को निशाना बना सकता है.

डोनाल्ड ट्रम्प ने क्या कहा?👇🇮🇳
द्विपक्षीय वार्ता के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और अमेरिका के मध्य ड्रग तस्करी, नार्को-आतंकवाद और संगठितत अपराध जैसी गंभीर समस्याओं के बारे में एक नए मेकैनिज्म पर भी सहमति हुई है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने आतंक के खिलाफ अपने प्रयासों को और बढ़ाने का निश्चय किया है. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने पर सहमत हैं.
द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका के मध्य विशेष संबंध का सबसे महत्वपूर्ण आधार लोगों से संपर्क करने वाले लोग हैं. इनमें पेशेवर लोग, छात्रों, संयुक्त राज्य अमेरिका में भारतीय प्रवासी का महत्वपूर्ण योगदान है. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमारे वाणिज्य मंत्रियों ने व्यापार पर सकारात्मक बातचीत की है. हम दोनों ने फैसला किया है कि हमारी टीमों को इन व्यापार वार्ता को कानूनी रूप देना चाहिए. हम एक बड़े व्यापार सौदे पर बातचीत आरंभ करने के लिए भी सहमत हुए हैं.

कैथरीन जॉनसन, प्रसिद्ध नासा गणितज्ञ, का 101 वर्ष की उम्र में निधन


कैथरीन जॉनसन अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के उस कंप्यूटर पूल का एक प्रमुख भाग थीं जिन्होंने अपोलो मिशन के माध्यम से मनुष्य को चाँद तक पहुंचाया.


नासा की प्रसिद्ध गणितज्ञ कैथरीन जॉनसन का हाल ही में निधन हो गया. वे 101 वर्ष की थीं. कैथरीन को नासा के मानव मिशन की गणनाओं के लिए जाना जाता है. कैथरीन ने नासा के शुरुआती मानव मिशन के लिए गणनाएं की थीं जिससे नासा के अभियानों को आसानी से पूरा किया जा सका.

कैथरीन जॉनसन के बारे में जानकारी👇🇮🇳

कैथरीन जॉनसन अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के कंप्यूटर पूल का एक प्रमुख भाग थीं. इस पूल को गणितज्ञों के एक समूह के रूप में जाना जाता था. नासा का यह कंप्यूटर पूल प्रत्येक अभियान के लिए डेटा जारी करता है तथा गणनाओं के आधार पर मिशन की रूपरेखा तैयार करता है. नासा ने इसी कंप्यूटर पूल की मदद से अपने पहले मानव अंतरिक्ष अभियान को सफल बनाया था. कैथरीन जॉनसन इसी पहले मानव मिशन के कंप्यूटर पूल का हिस्सा थीं. कैथरीन ने अपने करियर की शुरुआत एक शिक्षक के रूप में की थी.
उनका जन्म 1918 में वेस्ट वर्जीनिया में हुआ था, उन्हें बचपन से ही गणित में विशेष रुचि थी. नासा द्वारा प्रकाशित कैथरीन के बायोडेटा के अनुसार, वह वेस्ट वर्जीनिया की उन प्रतिभाशाली अश्वेत छात्रों में से थीं जिन्हें गणित और विज्ञान के लिए सबसे पहले शुरु की गई स्कॉलरशिप के लिए चुना गया था. उनहोंने 1969 में अपोलो-13 के चंद्रमा पर उतरने से पहले और अंतरिक्ष यात्रियों को वापस पृथ्वी पर लाने में अपनी गणनाओं से मदद की थी.
कैथरीन के जीवन पर वर्ष 2016 में हॉलीवुड फिल्म ‘द हिडन फिगर्स’ बनाई गई थी. यह फिल्म मॉर्गन ली शेट्टरली की किताब पर ‘हिडन फिगर्स’ पर आधारित थी. फिल्म में ताराजी पी हेंसन द्वारा कैथरीन की भूमिका निभाई गई थी. फिल्म को जनवरी 2017 में स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड अवार्ड मिला था. इस फिल्म को प्रतिष्ठित ऑस्कर की तीन श्रेणियों में भी नामांकित किया गया था. हालांकि, फिल्म ऑस्कर नहीं जीत पाई थी.

वर्ष 2015 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा उन्हें ‘प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ़ फ्रीडम’ से सम्मानित किया गया. ओबामा ने कहा था कि केथरीन ने समाज के दबाव को दरकिनार करते हुए स्वयं को किसी सीमा में बांधे रखने से इनकार किया और मानवता को नई ऊँचाईयों तक पहुंचाने में मदद की है. इसके अतिरिक्त नासा ने 2017 में उनके सम्मान में 'Katherine G. Johnson Computational Research Facility' के नाम से एक बिल्डिंग उन्हें समर्पित की

सेंट्रल एक्साइज दिवस 2020: जानिए इस दिवस का महत्व और पृष्ठभूमि



हर साल 24 फरवरी को, केंद्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड (CBCE) पूरे देश में केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस मनाता है. इस दिवस का उद्देश्य केंद्रीय उत्पाद और कस्टम बोर्ड ऑफ इंडिया का अर्थव्यवस्था में योगदान का सम्मान करना है. इसके अतिरिक्त, केंद्रीय उत्पाद शुल्क बोर्ड, केंद्र सरकार के लिए एक प्राथमिक कर संग्रह एजेंसी होने के नाते, इस दिवस को अधिकारियों द्वारा की गई कड़ी मेहनत को सम्मानित करने के उद्देश्य से भी मनाता है.

इसके अलावा यह दिवस माल निर्माण व्यवसाय में भ्रष्टाचार की जाँच करने के लिए भी मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का उद्देश्य देशवासियों को केंद्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड के महत्व को बताना भी है.

इस अवसर पर केंद्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड देश भर में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करता है, जिसमें सेमिनार, कार्यशालाएं, शैक्षिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरूकता कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं और पुरस्कार समारोह शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, बोर्ड आम जनता को CBCE और उसके अधिकारियों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को समझने में मदद करने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों की एक श्रृंखला भी आयोजित करता है.

पृष्ठभूमि

प्रत्येक वर्ष केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस को 24 फरवरी 1944 को केंद्रीय उत्पाद शुल्क और नमक अधिनियम बनाए जाने के की याद के तौर पर भी मनाया जाता है.
सीबीसीई सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क और सेवा कर के संग्रह और इससे संबंधित नीति निर्माण का भाग है.

इसके दायरे में सीमा शुल्क, केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सेवा कर और मादक पदार्थों से संबंधित तस्करी आदि से संबंधित मामले भी आते हैं.

बोर्ड अपने अधीनस्थ संगठनों के लिए प्रशासनिक प्राधिकरण है, जिसमें कस्टम हाउस, केंद्रीय उत्पाद शुल्क और सेवा कर आयुक्त और केंद्रीय राजस्व नियंत्रण प्रयोगशाला शामिल हैं.

Donald Trump India Visit: डोनाल्ड ट्रम्प ने 'नमस्ते ट्रम्प' में भाग लिया, अब आगरा पहुंचे



अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी पहली भारत यात्रा पर 24 फरवरी 2020 को अहमदाबाद, गुजरात पहुंचे. ट्रंप के साथ उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप, बेटी इवांका ट्रंप और वरिष्ठ सलाहाकार जेरेड कुशनेर भी आये हैं. डोनाल्ड ट्रम्प अपनी इस यात्रा के दौरान ट्रंप अहमदाबाद स्थित साबरमती आश्रम भी गये.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक रोड शो में भी भाग लिया तथा दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम 'मोटेरा' तक गये. भारत द्वारा ट्रम्प के लिए मोटेरा स्टेडियम में 'नमस्ते ट्रंप' नामक कार्यक्रम आयोजित किया गया जहां उन्होंने लगभग एक लाख लोगों को संबोधित किया.

ट्रम्प का हिंदी में ट्वीट

डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने भारत आगमन से कुछ ही समय पूर्व हिंदी में एक ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा, “हम भारत आने के लिए तत्पर हैं. हम रास्ते में हैँ, कुछ ही घंटों में हम सबसे मिलेंगे!” इसके जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, “अतिथि देवो भव:”.


डोनाल्ड ट्रम्प ने नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम में कहा कि भारत और अमेरिका कट्टरवाद के खिलाफ साथ हैं. भारत और अमेरिका आतंकवाद के खात्मे के लिए साथ रहे रहेंगे और लड़ेंगे. देश के लिए जो खतरा है उसका हल मिलकर निकालेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों ने वहां के विकास में बड़ा रोल निभाया है. कहा कि अमेरिका में रहने वाले कई बिजनेसमैन गुजरात से आते हैं, ऐसे में अमेरिका के विकास में अहम भूमिका निभाने के लिए हम सभी का शुक्रिया करते हैं.
डोनाल्ड ट्रम्प के लिए भारत में ‘नमस्ते ट्रम्प’ नाम से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. यह कार्यक्रम उसी तर्ज पर आयोजित किया गया था जैसे अमेरिका में मोदी के आगमन पर ‘हाउडी मोदी’ का आयोजन किया गया था. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मोटेरा क्रिकेट स्टेडियम में एक लाख से अधिक लोगों ने ‘नमस्ते ट्रम्प’ में भाग लिया.

‘नमस्ते ट्रम्प’ कार्यक्रम में डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत की जनता को संबोधित किया. मंच पर उनके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी थे. इसके बाद ट्रम्प आगरा चले गये और अपने परिवार के साथ लगभग 45 मिनट के लिए ताजमहल का दीदार किया. इसके बाद वे दिल्ली आयेंगे.

मोदी और ट्रम्प के बीच 25 फरवरी 2020 को द्विपक्षीय वार्ता होगी. डोनाल्ड ट्रम्प इस यात्रा के दौरान किसी व्यापारिक समझौते से इनकार कर चुके हैं लेकिन इस वार्ता में किसी बड़ी घोषणा के भी कयास लगाए जा रहे हैं. गौरतलब है कि वर्ष 2018-2019 में भारत और अमेरिका के मध्य होने वाला कारोबार चीन-अमेरिका के व्यापार की तुलना में करीब एक अरब ज्यादा रहा है.

घोंघे की नई प्रजाति का नाम ग्रेटा थनबर्ग के नाम पर रखा गया


वैज्ञानिकों ने हाल ही में घोंघे की एक नई प्रजाति की खोज की है. यह प्रजाति तापमान-संवेदनशील प्रजातियों के परिवार का हिस्सा है. इसे क्रैसेपोट्रोपिस ग्रेथथुनबेर्गे (Craspedotropis gretathunbergae) नाम दिया गया है. वैज्ञानिकों ने यह नाम पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के सम्मान में दिया है. जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता फैलाने में ग्रेटा के प्रयासों के लिए वैज्ञानिकों ने यह निर्णय लिया.

पत्रिका 'बायोडायवर्सिटी डेटा' में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि घोंघे की यह प्रजाति कैनेओगैस्ट्रोपोडा (Caenogastropoda) समूह की है. यह प्रजाति भूमि पर रहती है और सूखे, अत्यधिक तापमान में उतार-चढ़ाव और वनों की कटाई से प्रभावित हो सकती है. नीदरलैंड्स में नेचुरल बायोडायवर्सिटी सेंटर के वैज्ञानिकों द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक घोंघे की नई प्रजाति ब्रुनेई में कुआला बेलांग फील्ड स्टडी सेंटर के करीब पाई गई.

उद्देश्य

जैव विविधता डेटा जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, वैज्ञानिकों ने इस बात पर सर्वसम्मति से वोट किया कि प्रजातियों का नाम किसे दिया जाए. प्रतिभागी शोध और नेशनल पार्क के कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि इसका नाम ग्रेटा के नाम पर रखा जाना चाहिए और अंत में इसका नाम क्रैसेपोट्रोपिस ग्रेथथुनबेर्गे रखा गया.

Rudraksh Tripathi @Rudragofficial

🎯Target With Rudra 🎯📖 आज का विषय 📖 सिंधु घाटी सभ्यता (3300-1700 ई.पू.) ©️ Rudra Coaching Classes ™️ 👤 Rudra Tripathi ✍️ 📞 9️⃣4️⃣5️⃣3️⃣7️⃣8️⃣9️⃣6️⃣0️⃣8️⃣

सिंधु घाटी सभ्यता (3300-1700 ई.पू.) सिंधु घाटी सभ्यता (3300-1700 ई.पू.) विश्व की प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं में से एक प्रमुख सभ्य...

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